श्री गंगानगर जिले के सिरसा की डिंग थाना पुलिस ने एक शातिर अंतर्राज्यीय आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के कुछ सदस्य नकली पुलिस कर्मी बनकर लोगों के साथ ठगी करते थे। गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने हरियाणा के अलग अलग हिस्सों में वारदातों को दिया तो साथ ही राजस्थान व पंजाब में भी लोगों को अपने ठगी के जाल में फंसा कर शिकार बनाया।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान ईश्वर निवासी गांव दुजाना, जींद, बलराज निवासी जांडली खुर्द, फतेहाबाद, तरसेम निवासी छानी व भूराराम निवासी कीर्तिनगर तथा एक अन्य के रूप में हुई है।
डिंग थाना प्रभारी आईपीएस नरेंद्र बिजारणियां के नेतृत्व में इस गिरोह के सदस्यों को पुलिस ने गाँव संघर सरिस्तां के नजदीक धार दबोचा। ख़ास बात यह है कि यह गिरोह नीली बत्ती लगी बोलेरो गाडी का भी ठगी की वारदातों को अंजाम देने में इस्तेमाल करता था। पुलिस ने आरोपियों से एक नीली बत्ती लगी बोलेरो गाडी, दो पुलिस की वर्दी व अवैध पिस्तौल भी बरामद किया है।
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डिंग थाना प्रभारी नरेंद्र बिजराणियां ने भूरा गिरोह के ठगी करने के तरीके और पुलिस कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि ईश्वर सिंह, बलराज व तरसेम बोलेरो गाड़ी नंबर एचआर-26-एवाई-6996, जिसपर नीली बत्ती लगाकर घूमते थे। ईश्वर सिंह व एक अन्य पुलिस की वर्दी में थे । वहीं भूराराम कार नंबर डीएल-7सीसी-7986 में उनके साथ रहता था। उक्त लोगों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया हुआ था, जिसके चक्कर में कई लोग अपने रुपए गंवा चुके थे और कुछ भी नहीं कर पा रहे थे। गिरोह के शिकार किसी व्यक्ति ने गत दिवस डिंग पुलिस को सूचना दी थी। सूचना दाता ने बताया था कि उक्त गिरोह सिरसा में है और अगर अभी छापेमारी की जाए तो वे काबू में आ सकते हैं।
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सूचना के आधार पर डिंग पुलिस की एक टीम बनाई और हिसार रोड स्थित संघर साधा मोड़ पर नाका लगा दिया। जब बोलेरो गाड़ी व कार आती दिखाई दी तो पुलिस कर्मियों ने गाड़ी को रूकने का इशारा किया। जब गाड़ी रूकवाकर उनसे पूछताछ की गई तो वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद पुलिस की टीम उन्हें गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
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जांच अधिकारी के मुताबिक भूराराम पैसों की डील करता था। असली के बदले में तीन -चार गुना असली लगने वाले नकली नोट देने का लालच देते थे। भूराराम फोन कर डील करता और जब इनका शिकार कोई व्यक्ति पैसे लेकर आता और दोगुने पैसे ये देने लगते उसी वक्त नकली थानेदार बना ईश्वर सिंह गाड़ी लेकर आ जाता और दोनों के पैसे लेकर चला जाता। पैसे देने वाला व्यक्ति इसलिए श्किायत नहीं करता की वह किसी झमेले में न पड़ जाए और ये लोग बाद में पैसे आपस में बांट लेते।
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पुलिस के मुताबिक इस आपराधिक गिरोह ने करीब 40 वारदातों को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस ने पाँचों लोगों को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान इस गिरोह की कई अन्य वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद पुलिस को है।
