मध्यप्रदेश के खंडवा जिले को डिजीटल इंडिया का एक उदाहरण भी कहा जा सकता है, जहां पर एक स्कूल में पढ़ रहा छात्र लाखों रुपए की कमाई करता है। खंडवा जिले के छोटे से गांव आदिवासी बहुल गुड़ीखेड़ा का 11वीं में पढ़ने वाला विजय कनासे नामक छात्र यू—ट्यूब से औसतन 35 हजार रुपए महीने की कमाई कर रहा है। ऐसा करने वाला जिले में संभवत वह एकमात्र है।
खंडवा जिले के छोटे से गांव के सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल से पढ़ाई कर रहे विजय का अब इसी फील्ड में कैरियर बनाने का लक्ष्य है। विजय के पिता संतोष कनासे इलेक्ट्रॉनिक सामान की रिपेयरिंग करते है। बड़ा भाई संजय रेडियम की दुकान चलाता है, जबकि एक भाई अजय 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। यू—ट्यूब की पॉलिसी है कि वो 18 साल के युवाओं के खाते में ही रुपए भेजता है। विजय अभी 17 साल का है इसलिए उसके बड़े भाई संजय के अकाउंट में ये रुपए जमा हो रहे है। विजय यू—ट्यूब पर आदिवासी संस्कृति व उससे जुड़े वीडियो अपलोड करता है।
यू—ट्यूबर विजय ने एंड्राइड मोबाइल के प्ले स्टोर के लिए 2013 में जीमेल पर अकाउंट बनाया था। तब से ही यू—ट्यूब अकाउंट से जुड़कर इस पर मॉनिटराइजेशन आॅन कर दिया। 2014 में यू—ट्यूब पर पहला वीडियो अपलोड किया था। धीरे—धीरे लोग जुड़ते गए और वीडियो पर हिट्स बढ़ते गए।
विजय के यू—ट्यूब चैनल पर 14 हजार 346 सब्सक्राइबर हैं। 10 अप्रैल 2017 को अपलोड किए गए आदिवासी डांस के एक वीडियो को 1954354 लोग देख चुके हैं। 2 मिनट और 5 सैकंड के इस वीडियो को गुड़ीखेड़ा के पास के ही एक गांव में विजय ने अपने मोबाइल से शूट कर एडिट कर डाला है।
अब तक विजय ने यू—ट्यूब पर 65 वीडियो अपलोड किए है। कुल 4810998 टोटल हिट्स आ चुके हैं। यू—ट्यूब ने गूगल एडसेन्स से पिन भेजा। विजय को पहली किस्त के रूप में 12 हजार मिले थे। इस महीने यानी 1 से 27 मई तक 557 डॉलर मतलब 35991 रुपए की कमाई हो गई है।
यू—ट्यूबर विजय कहता है कि मैं छोटे से गांव का हूं, लेकिन यू-ट्यूबर बनने की लगन थी। अब मुझे तकनीकी क्षेत्र में ही आगे बढऩा है। मेरा पूरा फोकस इस पर है। स्मार्टफोन यूजर्स से भी मैं यही कहना चाहूंगा कि वो टाइमपास की बजाय सोशल मीडिया को अर्निंग का माध्यम बनाएं।
