मोदरान से जगमालसिंह राजपुरोहित
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मोदरान के निकटवर्ती सेरणा, धानसा, भीमपुरा व बोरटा की सरहद पर हाजी मस्तानशाह बाबा साईजी करजी वाले के चिल्ले पर छठेे गौस पाक के जलसे को जायरिन व भक्तगण का बाबा के चिल्ले पर आना जाना चालु रहा और हिन्दू व मुसलिम समुदाय के लोगो की भीड काफी संख्या मे नजर आई उसके बाद आने वाले लोगो के लिए गांव की ओर से लंगर का आयोजन किया गया। जिसकी अच्छी व्यवस्था रही। यह एक ऐसा स्थान है जहां एक ही वृक्ष करजी के नीचे गांव व आसपास के गांवो के हिन्दूू मस्लिम समुदाय के लोग मिल बैठकर कौमी एकता भी मिशाल तैयार कर इस जलसे को कामयाब बनाते है, आपसी भेदभाव को मिटाकर बाबा का लंगर पकाया जाता है, जो इस लंगर को खाता है जिसमें बाबा की करामत से दिल में से कीना, भेदभाव मिटाकर सांप्रदायिक सदभाव जागता है।
जलसे का आगाज किया गया -
उल्लमा हाफीज जमील अहमद नूरी एक कौमी एकता की मिसाल बने हुए है । हाजी मस्तान बाबा कहा जाता है कि मस्तान बाबा के दरबार मे जो अपनी जाईज मुराद लेकर आता है। वो पुरी होती है व यहां की करामते बताई और कहां कि जो लोग अल्ला की सच्चे दिल से मोहब्बत करता है वो दुनिया पर हुकुमत करता है तथा मरने के बाद भी वो मुर्दे नहीं कहलाता है। इस दौरान बिशनगढ से तशरीफ लाये मौलाना मलुक साहब ने नाते मुस्तफा सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया और डूबे सूरज को लौटाओ फिर कहना हम जैसे थे, कंकरियों को कलमा पढ़ाओ फिर कहना हम जैसे थे। मौलाना हनीफ बरकाती ने कहा कि गौसे पाक ऐसे अल्लाह के वली हैं जिनका डंका कयामत तक बजता रहेगा। सेरणा मस्जिद पेश इमाम मौलाना अब्दुल रकीब असरर्फी ने निजामत व नात पेश की। गौसेपाक अल्लाह के वली है। अल्लाह के वलियों को कोई खौफ नहीं, क्योंकि वे अल्लाह के सच्चे दोस्त होते हैं, इसलिए अल्लाह के वलियो का एहतराम करो और ऐ काश अगर दुनिया में दीदार तुम्हारा कर लेता, सरकार तुम्हारी चौखट का एक बार नजारा कर लेता। मौलाना गुलाम ए मुस्तफा अकबरी ने कहा कि गौसे पाक को सारी दुनिया के लिए गौस बनाकर भेजा। इसलिए पूरी दुनिया में गौस पाक का जिक्र होता है और ता कयामत तक होता रहेगा। उन्होंने कहा कि हुजूर गौसेपाक पैदाइशी वली हैं। वह सारे वलियों के सरदार हैं और उन्होंने खुद कहा है कि मेरा पैर तमाम वलियों की गर्दन पर है।
मौलाना गाजी ने कहा कि ‘सल्लू अलैहे आलेही’, ‘झूका है खाना काबा मेरे सरकार के आगे’ नात सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया और गौस पाक की करामात किसी से छिपी नहीं है। अल्लाह पाक ने उन्हें इतनी ताकत बख्शी है कि वह दुनिया में हर परेशान हाल की परेशानी को दूर करते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान बच्चो ने भी नाते पेश की।
ेसजाया गया हाजी बाबा का दरबार -
गौस पाक जलसे को लेकर हाजी बाबा का चिल्ले को गुलाब के फूलो, खुशबूदार रंग बिरंगे फूलो से एवं आसपास के परिसर को विभिन्न तरह की लाईटो से सजाया गया। गौस पाक जलसे को लेकर रातभर सेरणा, मोदरा, धाणसा, भीमपुरा, सरत, बोरटा, खेडा, बाकरा, बाकरागांव समेत आसपास के कई भक्तगणो ने गौस पाक जलसे में हाजरी दी।
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मोदरान के निकटवर्ती सेरणा, धानसा, भीमपुरा व बोरटा की सरहद पर हाजी मस्तानशाह बाबा साईजी करजी वाले के चिल्ले पर छठेे गौस पाक के जलसे को जायरिन व भक्तगण का बाबा के चिल्ले पर आना जाना चालु रहा और हिन्दू व मुसलिम समुदाय के लोगो की भीड काफी संख्या मे नजर आई उसके बाद आने वाले लोगो के लिए गांव की ओर से लंगर का आयोजन किया गया। जिसकी अच्छी व्यवस्था रही। यह एक ऐसा स्थान है जहां एक ही वृक्ष करजी के नीचे गांव व आसपास के गांवो के हिन्दूू मस्लिम समुदाय के लोग मिल बैठकर कौमी एकता भी मिशाल तैयार कर इस जलसे को कामयाब बनाते है, आपसी भेदभाव को मिटाकर बाबा का लंगर पकाया जाता है, जो इस लंगर को खाता है जिसमें बाबा की करामत से दिल में से कीना, भेदभाव मिटाकर सांप्रदायिक सदभाव जागता है।
जलसे का आगाज किया गया -
उल्लमा हाफीज जमील अहमद नूरी एक कौमी एकता की मिसाल बने हुए है । हाजी मस्तान बाबा कहा जाता है कि मस्तान बाबा के दरबार मे जो अपनी जाईज मुराद लेकर आता है। वो पुरी होती है व यहां की करामते बताई और कहां कि जो लोग अल्ला की सच्चे दिल से मोहब्बत करता है वो दुनिया पर हुकुमत करता है तथा मरने के बाद भी वो मुर्दे नहीं कहलाता है। इस दौरान बिशनगढ से तशरीफ लाये मौलाना मलुक साहब ने नाते मुस्तफा सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया और डूबे सूरज को लौटाओ फिर कहना हम जैसे थे, कंकरियों को कलमा पढ़ाओ फिर कहना हम जैसे थे। मौलाना हनीफ बरकाती ने कहा कि गौसे पाक ऐसे अल्लाह के वली हैं जिनका डंका कयामत तक बजता रहेगा। सेरणा मस्जिद पेश इमाम मौलाना अब्दुल रकीब असरर्फी ने निजामत व नात पेश की। गौसेपाक अल्लाह के वली है। अल्लाह के वलियों को कोई खौफ नहीं, क्योंकि वे अल्लाह के सच्चे दोस्त होते हैं, इसलिए अल्लाह के वलियो का एहतराम करो और ऐ काश अगर दुनिया में दीदार तुम्हारा कर लेता, सरकार तुम्हारी चौखट का एक बार नजारा कर लेता। मौलाना गुलाम ए मुस्तफा अकबरी ने कहा कि गौसे पाक को सारी दुनिया के लिए गौस बनाकर भेजा। इसलिए पूरी दुनिया में गौस पाक का जिक्र होता है और ता कयामत तक होता रहेगा। उन्होंने कहा कि हुजूर गौसेपाक पैदाइशी वली हैं। वह सारे वलियों के सरदार हैं और उन्होंने खुद कहा है कि मेरा पैर तमाम वलियों की गर्दन पर है।
मौलाना गाजी ने कहा कि ‘सल्लू अलैहे आलेही’, ‘झूका है खाना काबा मेरे सरकार के आगे’ नात सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया और गौस पाक की करामात किसी से छिपी नहीं है। अल्लाह पाक ने उन्हें इतनी ताकत बख्शी है कि वह दुनिया में हर परेशान हाल की परेशानी को दूर करते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान बच्चो ने भी नाते पेश की।
ेसजाया गया हाजी बाबा का दरबार -
गौस पाक जलसे को लेकर हाजी बाबा का चिल्ले को गुलाब के फूलो, खुशबूदार रंग बिरंगे फूलो से एवं आसपास के परिसर को विभिन्न तरह की लाईटो से सजाया गया। गौस पाक जलसे को लेकर रातभर सेरणा, मोदरा, धाणसा, भीमपुरा, सरत, बोरटा, खेडा, बाकरा, बाकरागांव समेत आसपास के कई भक्तगणो ने गौस पाक जलसे में हाजरी दी।
कैप्सन - मोदरा निकटवर्ती सेरणा, धानसा, भीमपुरा व बोरटा की सरहद पर हाजी मस्तानशाह बाबा साईजी करजी वाले के चिल्ले पर जलसे की तकरीर करते उलमा
कैप्सन - मोदरा निकटवर्ती सेरणा, धानसा, भीमपुरा व बोरटा की सरहद पर हाजी मस्तानशाह बाबा साईजी करजी वाले के चिल्ले पर जलसे की तकरीर सुनते हुए जायरीन
