नर्मदा के प्रोजेक्ट की लाइन के पास से गुजरने के बाद भी कई गांवों को नहीं मिल रहा पानी
सांचौर उपखंड क्षेत्र में करीब 9 साल आए नर्मदा नहर बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को पेयजल के लिए कई गांवों में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उपखंड क्षेत्र के कई गांव जो आज भी पानी की समस्याएं से पूरी तरह से जूझ रहे है। ऐसे में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ ग्रीष्म ऋतु में गर्मी के मार के बाद पानी की आवश्यकता ज्यादा बढ़ रही है, लेकिन विभाग की असक्रियता के चलते ग्रीम में पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सांचौर उपखंड क्षेत्र की जनसंख्या घनत्व के हिसाब से सबसे बड़ी पुर ग्राम पंचायत में पिछले कई सालों से पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पेजयल की समस्याओं को लेकर कई बार ग्रामीणों द्वारा विभाग के अधिकारियों को कई बार पेयजल की समस्याओं को लेकर अवगत करवाने के बाद भी अब तक इस ग्राम की और से अधिकारियों का ध्यान नहीं गया है।
डारों की ढाणी में निर्माण टंकी कई वर्षों से सूखी : ग्राम पंचायत के डारों की ढाणी में विधायक मद से विभाग की ओर से 2003 के दौरान जीएलआर टंकी का निर्माण किया गया था। टंकी के निर्माण किए 15 साल बीत जाने के बाद भी अब तक एक बंूद भी पानी नहीं पहुंचा है। समस्या के बारे में कई बार अवगत करवाने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। वहीं ग्राम पंचायत के कई विद्यालयों में पेयजल की भारी समस्याएं है।
सांचौर के कई गांवों में गहराया पेयजल संकट
सांचौर. उपखंड क्षेत्र के पूर ग्राम पंचायत के डारों की ढाणी में सूखा पड़ा जीएलआर।
डीआर प्रोजेक्ट की लाइन गांव के पास से गुजर रही, लेकिन एचआर टंकी का निर्माण कार्य अभी भी बाकी
सांचौर में नर्मदा नहर का पानी आए कई साल बीत चुके है। साथ ही जालोर जिले को पेयजल आपूर्ति करने के लिए नहर पर 4 बड़े प्रोजेक्टों का निर्माण किया गया है। ऐसे में डीआर प्रोजेक्ट का निर्माण सांचौर से होते हुए जसंवतपुरा तक के ग्रामीण व शहरी इलाके के लोगों को पेयजल आपूर्ति के लिए किया गया था। जिसको शुरू किए भी एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है। ऐसे में इसी प्रोजेक्ट से पुर ग्राम पंचायत को पानी मिलना था, लेकिन इस पर कार्य करने वाली कंपनी की ढिलाई के चलते पुर में पेयजल आपूर्ति के लिए बन रही एचआर टंकी का निर्माण अभी तक नहीं कि या गया है। हालांकि निर्माण कार्य विभाग ने शुरू करवाया है, लेकिन कार्य की ढिलाई के चलते इस ग्रीष्म ऋतु में पानी मिलना मुश्किल लग रहा है।
सबसे बड़ी ग्राम पंचायत, 5 रेवन्यू ग्राम में यह समस्या
सांचौर उपखंड क्षेत्र में जनसंख्या के हिसाब से सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। इस ग्राम में कई वर्षों से पेयजल की भारी किल्लत बनी है। ग्राम पंचायत के पुर, सियागांव, कालुपूरा, राजीवनगर, केरवी ग्राम पंचायतों में पानी की भारी समस्या है। इस ग्राम में करीब विभाग की ओर से बनाई गई 15 जीएलआर सूखी पड़ी है। वहीं इन ग्राम पंचायत के कि लूपिया व नागोलड़ी के ग्रामीणों को खारे पानी से ही संतुष्ट करना पड़ रहा है।
एक हजार रुपए देकर डलवा रहे हैं पानी
पुर में विभाग की ओर से पेयजल की समस्या पर ध्यान नहीं देने के कारण ग्रामीणों द्वारा बड़ी रकम देकर पानी के टैकरों को मोल डलवाना पड़ रहा है। ग्रामीण गंगाराम डारा ने बताया कि एक हजार रुपए देकर निजी टैंकरो से पानी मोल मंगवा रहे है। साथ ही गांव में घूम रहे अवारा पशुओं को भी पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में आवारा पशु कई किलोमीटर दूर जाकर तर हल्क कर रहे है।
इनका कहना
ग्रांम पंचायत के 5 रेवन्यू ग्राम में पेयजल की समस्या है। डीआर प्रोजेक्ट की एचआर टंकी का अभी तक निर्माण नहीं हुआ है, जिसका कार्य चल रहा है। ऐसे में पानी ग्रामीण मोल डलवा रहे है। - हेमी देवी, संरपच पुर
डारों की ढाणी में निर्माण टंकी कई वर्षों से सूखी : ग्राम पंचायत के डारों की ढाणी में विधायक मद से विभाग की ओर से 2003 के दौरान जीएलआर टंकी का निर्माण किया गया था। टंकी के निर्माण किए 15 साल बीत जाने के बाद भी अब तक एक बंूद भी पानी नहीं पहुंचा है। समस्या के बारे में कई बार अवगत करवाने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। वहीं ग्राम पंचायत के कई विद्यालयों में पेयजल की भारी समस्याएं है।
सांचौर के कई गांवों में गहराया पेयजल संकट
सांचौर. उपखंड क्षेत्र के पूर ग्राम पंचायत के डारों की ढाणी में सूखा पड़ा जीएलआर।
डीआर प्रोजेक्ट की लाइन गांव के पास से गुजर रही, लेकिन एचआर टंकी का निर्माण कार्य अभी भी बाकी
सांचौर में नर्मदा नहर का पानी आए कई साल बीत चुके है। साथ ही जालोर जिले को पेयजल आपूर्ति करने के लिए नहर पर 4 बड़े प्रोजेक्टों का निर्माण किया गया है। ऐसे में डीआर प्रोजेक्ट का निर्माण सांचौर से होते हुए जसंवतपुरा तक के ग्रामीण व शहरी इलाके के लोगों को पेयजल आपूर्ति के लिए किया गया था। जिसको शुरू किए भी एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है। ऐसे में इसी प्रोजेक्ट से पुर ग्राम पंचायत को पानी मिलना था, लेकिन इस पर कार्य करने वाली कंपनी की ढिलाई के चलते पुर में पेयजल आपूर्ति के लिए बन रही एचआर टंकी का निर्माण अभी तक नहीं कि या गया है। हालांकि निर्माण कार्य विभाग ने शुरू करवाया है, लेकिन कार्य की ढिलाई के चलते इस ग्रीष्म ऋतु में पानी मिलना मुश्किल लग रहा है।
सबसे बड़ी ग्राम पंचायत, 5 रेवन्यू ग्राम में यह समस्या
सांचौर उपखंड क्षेत्र में जनसंख्या के हिसाब से सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। इस ग्राम में कई वर्षों से पेयजल की भारी किल्लत बनी है। ग्राम पंचायत के पुर, सियागांव, कालुपूरा, राजीवनगर, केरवी ग्राम पंचायतों में पानी की भारी समस्या है। इस ग्राम में करीब विभाग की ओर से बनाई गई 15 जीएलआर सूखी पड़ी है। वहीं इन ग्राम पंचायत के कि लूपिया व नागोलड़ी के ग्रामीणों को खारे पानी से ही संतुष्ट करना पड़ रहा है।
एक हजार रुपए देकर डलवा रहे हैं पानी
पुर में विभाग की ओर से पेयजल की समस्या पर ध्यान नहीं देने के कारण ग्रामीणों द्वारा बड़ी रकम देकर पानी के टैकरों को मोल डलवाना पड़ रहा है। ग्रामीण गंगाराम डारा ने बताया कि एक हजार रुपए देकर निजी टैंकरो से पानी मोल मंगवा रहे है। साथ ही गांव में घूम रहे अवारा पशुओं को भी पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में आवारा पशु कई किलोमीटर दूर जाकर तर हल्क कर रहे है।
इनका कहना
ग्रांम पंचायत के 5 रेवन्यू ग्राम में पेयजल की समस्या है। डीआर प्रोजेक्ट की एचआर टंकी का अभी तक निर्माण नहीं हुआ है, जिसका कार्य चल रहा है। ऐसे में पानी ग्रामीण मोल डलवा रहे है। - हेमी देवी, संरपच पुर
