राजस्थान में बाघों की सटीक लोकेशन के लिए वन विभाग अब जीपीएस तकनीक वाले नये रेडियो कॉलर इस्तेमाल में लेगा. नया रेडियो कॉलर मजबूत होगा, वजन में कम और ज्यादा बैटरी लाइफ वाला होगा, ताकि एक बार बाघ के लगाने के बाद में अगले दो साल तक बाघ की सटीक लोकेशन ली जा सके.from Latest News राजस्थान News18 हिंदी https://ift.tt/2szEKpg
