जालोर । सरकार लोकसभा की तैयारियों में जुट गई है। चुनावों के पूर्व सरकार गरीब तबके के लिए एक ऐसी योजना आरंभ करने जा रही है, जिसमें राशन में दी जा रही सब्सिडी उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी, चाहे वे राशन लें या न लें। गरीब चाहे तो उस पैसे से खुले मार्केट में भी सामान खरीद सकेंगे।
इसमें मुख्य बात यह है कि गरीब राशन खरीदें या न खरीदें, मगर राशन की सब्सिडी हर माह उनके खाते में डाल दी जाएगी। इस संबंध में फूड मिनिस्ट्री ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय के प्रमुख सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्य की अध्यक्षता में विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के बाद इसकी शुरूआत की जा सकती है।
यह है मंत्रालय का प्रस्ताव
फूड मिनिस्ट्री प्रस्ताव के मुताबिक गरीबों को राशन में चावल, गेहूं और चीनी दी जाती है। प्रति व्यक्ति के हिसाब से इन खाद्य वस्तुओं का कोटा तय होता है। अगर किसी परिवार में चार लोग हैं तो उनके लिए चावल, गेंहू और चीनी की मात्रा तय होती है। मान लो कि अगर किसी परिवार के लिए दस किलो चावल का कोटा तय है। राशन की दुकान पर दो रूपए प्रति किलो के हिसाब से चावल दिया जाता है ।
मगर सरकार के लिए चावल की लागत दस रूपए किलो बैठती है। यानी सरकार प्रति किलो चावल पर आंठ रूपए की सब्सिडी दे रही है। दस किलो चावल पर सब्सिडी 80 रूपए हुई। 80 रूपए की राशि व्यक्ति के बैंक खाते में चली जाएगी। इसी तरह गेंहू और चीनी की दी जाने वाली सब्सिडी भी व्यक्ति के खाते में डाल दी जाएगी। अब अगर वह व्यक्ति राशन की दुकान से चावल खरीदना चाहता है तो उसे दस रूपए किलो चावल मिलेगा ।
यह होगा फायदा
इस योजना से फायदा यह होगा कि गरीब लोगों को राशन पर दी जाने वाली पूरी सब्सिडी मिल जाएगी। ऐसे में वह उस पैसे का उपयोग किसी और काम में भी कर सकेंगे। अगर किसी परिवार में चार सदस्य है और तय कोटे के मुताबिक उन्हें राशन की दुकान से हर माह बीस किलो अनाज मिलता है, मगर वे दस किलो ही अनाज लेते हैं। ऐसे में दस किलो अनाज राशन वाला ब्लैक में बेच देता है । यानी सब्सिडी का फायदा गरीब को नहीं बल्कि राशन की दुकान के संचालक को मिलता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा
क्या कहते है सांसद
दरअसल सरकार सब्सिडी की राशि गरीबों के हाथों में नकद के रूप में देना चाहती है। अब यह गरीब चाहे तो उस राशि से राशन की दुकान पर जाकर पूरे दाम देकर राशन खरीद सकता है। या फि र वह उन पैसों से खुले मार्केट में चीजें खरीद सकता है। इसमें सबसे मुख्य बात यह होगी कि सब्सिडी राशन के दुकानदारों को नहीं बल्कि सीधे तौर पर गरीब लोगों को दी जाएगी। -देवजी एम.पटेल, सांसद जालोर-सिरोही।
