1 करोड़ का पैकेज छोड़ जापान से लौटे इंडिया, 15 सवालों के जवाब देकर बने IPS
वाराणसी.2012 बैच के आईपीएस आशीष तिवारी एसपी मिर्जापुर की पोस्ट पर तैनात हैं। वह लंदन और जापान के बैंक में एक करोड़ से ज्यादा का पैकेज छोड़ वापस इंडिया आए थे। वे बैंक में एक्सपर्ट एनालिस्ट पैनल में शामिल थे। उन्होंने दो बार आईपीएस का एग्जाम क्वालिफाई किया था। जिनका जवाब देकर वो आईपीएस बने। YEAR ENDER 2017 के तहत हम आपको यही सवाल और उनके जवाब बता रहे हैं। 
कैंपस से हुआ था लंदन-जापान के बैंक में सिलेक्शन
- आशीष मूल रूप से मध्य प्रदेश के इटारसी के रहने वाले हैं। पिता कैलाश नारायण तिवारी, रेलवे इटारसी में सेक्शन इंजीनियर हैं। आशीष की 12वीं तक की पढ़ाई इटारसी के केंद्रीय विद्यालय में हुई। इसके बाद 2002 से 2007 तक उन्होंने कानपुर आईआईटी से कम्प्यूटर साइंस में बीटेक और फिर एमटेक कम्प्लीट किया।
- 2007 में ही वह कैंपस सिलेक्शन के दौरान लंदन की लेहमैन ब्रदर्स कंपनी में सिलेक्ट हुए, जहां उन्होंने डेढ़ साल काम किया। इसके बाद उन्होंने जापान के नोमुरा बैंक में डेढ़ साल जॉब की। दोनों बैंकों में एक्सपर्ट एनालिस्ट पैनल में उनका सिलेक्शन हुआ था।
- 2007 में ही वह कैंपस सिलेक्शन के दौरान लंदन की लेहमैन ब्रदर्स कंपनी में सिलेक्ट हुए, जहां उन्होंने डेढ़ साल काम किया। इसके बाद उन्होंने जापान के नोमुरा बैंक में डेढ़ साल जॉब की। दोनों बैंकों में एक्सपर्ट एनालिस्ट पैनल में उनका सिलेक्शन हुआ था।
2012 में हुई आईपीएस में सिलेक्शन
- 2010 में आशीष ने वापस इंडिया आकर सिविल सर्विस की तैयारी की और 2011 में आईआरएस इनकम टैक्स में उनका सिलेक्शन हुआ। इसमें उन्हें 330वीं रैंक मिली। इसके बाद 2012 में उनका आईपीएस में सिलेक्शन हुआ। इसमें उन्होंने 219वीं रैंक हासिल की। 2013 में उनका आईपीएस ट्रेनिंग के दौरान एक बार फिर आईपीएस में सिलेक्शन हुआ और उन्हें 247वीं रैंक मिली।
