130 Kg से अधिक वजनी महिला का दूरबीन से पथरी का सफल ऑपरेशन - राजस्थान उदय न्यूज़

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शनिवार, 20 जनवरी 2018

130 Kg से अधिक वजनी महिला का दूरबीन से पथरी का सफल ऑपरेशन

अजमेर. जवाहर लाल नेहरु अस्पताल के सर्जरी विभाग में 130 किलोग्राम से अधिक वजनी महिला का पहली बार पित्त की थैली में दूरबीन से सफल ऑपरेशन किया गया। वजन अधिक होने की वजह से कोई भी डॉक्टर ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं थे। महिला लंबे समय से पेट दर्द से परेशान थी। पिछले दिनों महिला के परिजन सर्जरी विभाग के डॉक्टर अनिल शर्मा से मिले।130 Kg से अधिक वजनी महिला का दूरबीन से पथरी का सफल ऑपरेशन

डॉ. शर्मा ने महिला की जांचें करवाई और अस्पताल में भर्ती किया। उन्होंने बताया कि किशनगढ़ निवासी 35 वर्षीय घीसी देवी काफी समय से पेट दर्द से परेशान थी। उसे उल्टियां भी हो रही थी। जांच में सामने आया कि पित्त की थैली में पथरी है। महिला का ऑपरेशन दूरबीन से करने का फैसला लिया गया, साथ ही विशेष इंतजाम किए गए।
ऑपरेशन के दौरान मरीज को बेहोशी में काफी खतरा था। लेकिन एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. नीना जैन और उनकी टीम ने कुशलता से मैनेज किया। पित्त की थैली के पास अधिक सूजन होने की वजह से ऑपरेशन करना कठिन हो गया था। डॉ. रेखा पोरवाल ने बताया कि यदि हाथ से ऑपरेशन किया जाता तो मरीज के शरीर फैट की वजह से जटिल हो जाता।
मरीज पूरी तरह स्वस्थ
ऐसी स्थिति में मरीज की जान भी खतरे में आ सकती थी। दूरबीन से ऑपरेशन के बाद मरीज दूसरे ही दिन चलने फिरने और खाना खाने लगा था। ऑपरेशन के दौरान ही मोटापे की वजह से मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। लेकिन एनेस्थिसिया एवं फिजीशियन टीम के सहयोग से मैनेज कर लिया गया। मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

ये रहे चिकित्सक ऑपरेशन टीम में शामिल
डॉ. अनिल शर्मा के साथ डॉ. पेमाराम, डॉ. सत्यवीर व डॉ. मुकेश ने सहयोग किया। एनेस्थिसिया 
टीम में डॉ. नीना जैन, डॉ. वीणा पाटोदी, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. शिवांगी, डॉ. प्रीती, डॉ. पूर्वा एवं नर्सिंग कर्मी रशीद शामिल थे। डॉ. जैन ने बताया कि मोटापे के मरीज के लिए एनेस्थिसिया देना चुनौति पूर्ण रहता है।
ये हैं दूरबीन से ऑपरेशन के लाभ
दूरबीन से सर्जरी में बड़ा चीरा लगाने के बजाए छोटे-छोटे छेद से विशेष उपकरणों के माध्यम से स्क्रीन पर देखकर ऑपरेशन किया जाता है। मरीज जल्द स्वास्थ्य हो जाता है। दर्द कम होता है। चीरे का निशान नहीं रहता। ऑपरेशन के बाद 24 घंटे में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है