बाबा वीरेंद्र देव (फाइल)
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दरअसल, नयाखेड़ा आश्रम चार मंजिला है, लेकिन आश्रम के बाहर कैसा भी कोई बोर्ड नहीं लगा था। साथ ही आश्रम भी चारों ओर से बंद था। वहीं जब एसएचओ मीठूलाल मेघवाल वहां पहुंचे तो आश्रम के संचालक ने घुसने नहीं दिया, जिसके बाद महिला कांस्टेबल को अंदर भेजा गया। जिसके बाद महिला कांस्टेबल ने लड़कियों की संख्या बताई। जिसके बाद संचालकों से दस्तावेज मांगे गए है।
आपको बता दें कि रेपिस्ट बाबा वीरेंद्र देव के दिल्ली के रोहणी वाले आश्रम से कुछ दिनों पहले ही 41 लड़कियों को मुक्त कराया गया था। साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने बाबा को दिल्ली का राम रहीम बताया था। जिसके बाद रेपिस्ट बाबा के प्रदेश सहित देशभर में उसके आश्रमों की जांच हुई थी।
70 साल के वीरेंद्र देव दीक्षित पर आरोप है कि इसके आश्रम में लड़कियों को कैद करके नशे की हालत में रखा जाता है और उनका यौन शोषण होता है। वहीं, वीरेंद्र देव के विरुद्ध यौन उत्पीड़न, पुलिस मुठभेड़ और कई अन्य संगीन धाराओं में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
