जन्म देने वाली मां ही बन रही है दुश्मन, अरणाय सरहद में मिली नवजात बच्ची - राजस्थान उदय न्यूज़

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बुधवार, 23 मई 2018

जन्म देने वाली मां ही बन रही है दुश्मन, अरणाय सरहद में मिली नवजात बच्ची

सांचौर -
जन्म देने वाली मां ही बन रही है दुश्मन,
अरणाय सरहद में मिली नवजात बच्ची

जगमालसिंह राजपुरोहित मोदरान

ये क्या हो गया…
मैं तो अपनी मां की कोख में नौ महीने से बड़े लाड़-प्यार से पल रही थी। मां मेरी हर हरकत पर हंसती थी। पापा भी मुझे छूकर गर्भ में मेरे मौजूदगी को महसूस करते थे। दोनों बहुत खुश थे। मुझे बस उस दिन का इंतजार था जब मैं मां की कोख से बहार आऊं। आज वो दिन भी आ गया। मुझे बाहर की दुनिया देखनी थी..
मुझे यह क्या हो रहा है? यां गंदगी व झाडिय़ों में काटें चुंब रहे है, ये कौन मुझे नोच रहा है? मुझे दर्द हो रहा है! मां-पापा तुम कहां हो? क्या मेरी लड़की होने की सजा आप मुझे यूं देंगे? क्या मुझे मां की गोद की जगह जन्म लेने पर झाडिय़ों के कांटे व कचरे का ढेर मिलेगा? प्लीज मुझे बचा लीजिये! मुझे मां का आंचल चाहिए!

यह दर्द बुधवार सवेरे सांचौर के अरणाय में सरहद में सुनसान इलाके में झाडिय़ों में फेंकी मिली नवजात बच्ची का है।
जिन्हें सड़क के किनारे कौओं और कुतों के नोचने के लिए फेंक दिया गया है।
गनीमत रही कि समय पर ग्रामीणों ने देख लिया व अस्पताल पहूंचा दिया। यह वह नवजात हैं जिनको जन्म के बाद मां की कोख नसीब नहीं हुई। उनके इस दर्द को
जन समय न्यूज टीम ने अपने शब्दों में पिरोकर समाज की इस संवेदनहीनता से आपको रूबरू कराने की कोशिश की है।

आइये आप भी अपने अदब के शहर का यह चेहरा देखें-
सांचौर में जन्म लेने वाले शिशुओं को कोख नहीं कूड़े का ढेर मिलता है। मां अपने गर्भ में शिशु को नौ महीने पालती है।
जिसकी किलकारी सुनने के लिए परिवार के लोग बेसब्री से उसके आने का इंतजार करते हैं।
मगर शिशु के जन्म लेते ही ऐसा क्या होता है जो उसके मां की कोख की जगह कूड़े का ढेर, नालियां और सड़क का किनारा नसीब होता है। नवजात शिशुओं को जन्म के बाद सड़क पर छोडऩे की घटनाएं पिछले कई सालों से सांचौर क्षेत्र में देखने को मिल रही है।
बुधवार सवेरे झाडिय़ों में मिली नवजात

उपखंड क्षेत्र के अरणाय सरहद में बुधवार सवेरे झाडिय़ों में नवजात बच्ची जिंदा मिली। जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सुचना दी। पुलिस ने एम्बूलेंस की मदद से स्थानीय सरकारी अस्पताल में पहूंचाकर भर्ती करवाया। बच्ची का अस्पताल में उपचार जारी है एवं स्वस्थ है। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची का जन्म कुछ ही घंटे पहले हुआ है।
कई मामले आ चूके है सामने
सांचौर क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आ चूके है। जिसमें नवजात शिश्याु सड़क, झाडिय़ों व कचरे के ढेर में मिले है। जिसमें लड़का व लड़की भी शामिल रहती है। दो माह पहले ऐसा ही मामला आमली क्षेत्र में सामने आया था। हालांकि पिछे के आकड़े देखे तो लड़कियों को फेंकने की दर ज्यादा है। यह इस बात का इशारा है कि लड़कियों के जन्म पर आज भी परिवार में खुशियां नहीं मातम मनाया करता है।