@ दिनेश चौधरी
जोधपुर
सामूहिक नकल प्रकरण में लिप्त 9 कॉलेजों के करीब 4 हजार स्टूडेंट्स की सुनवाई पूरी होने के बाद उनके परिणाम घोषित करने, उनकी सजा तय करने या दोष मुक्त करने के संबंध में कुलपति की ओर से गठित कमेटी ने रिपोर्ट सुपुर्द कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार जो स्टूडेंट्स अपना पक्ष रखने नहीं आए, उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा हुई है। उन्हें एक साल के लिए निलंबित किया जाएगा। हालांकि इस रिपोर्ट के आधार पर कमेटी के साथ चर्चा कर कुलपति प्रो. आरपी सिंह की ओर से निर्णय लिया जाएगा।
सामूहिक नकल करने की शिकायत स्टूडेंट्स की कॉपियां जांचने वाले परीक्षकों ने दर्ज करवाई थी, जिसकी जांच के लिए कुलपति ने तीन सदस्यों की कमेटी गठित की थी। कमेटी ने रिपोर्ट में नकल की पुष्टि की। इस पर कुलपति ने विशेषाधिकार का प्रयोग कर सभी नौ कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी। इस निर्णय पर सिंडिकेट ने भी मोहर लगा दी। फिर इन नौ कॉलेज के स्टूडेंट्स का पक्ष सुनने के लिए कमेटी गठित की गई। इसका संयोजक एकेडमिक डीन प्रो. कमलेश पुरोहित को बनाया गया था। कमेटी ने एक सप्ताह में स्टूडेंट्स को लगातार बुलाकर उनका पक्ष जाना, अब रिपोर्ट कुलपति प्रो. सिंह को सौंप दी है। कुलपति प्रो. सिंह बुधवार को कमेटी के सदस्यों के साथ चर्चा कर निर्णय लेंगे। गौरतलब है कि ये नौ कॉलेज जालोर, सिरोही बाड़मेर क्षेत्र की हैं।
