सुमेरपुर । जवाई कमांड में पहली पाण की सिंचाई व्यवस्था को सुचारू करने को लेकर शनिवार को जल संसाधन विभाग कार्यालय में अधिकारियों व संगम अध्यक्षों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में दो दिन पूर्व जवाई मुख्य नहर में एक छात्र के बहने जाने से व पूरे दिन की मशक्कत के बाद भी छात्र का शव नहीं मिलने से प्रशासनिक स्तर पर लिये गये निर्णय एवं निर्देशों के चलते विभागीय अधिकारीयों ने गुरूवार की मध्य रात्रि को जवाई बांध से नहर का पानी बंद कर दिया था।
शुक्रवार को पुन: खोली नहर
शुक्रवार की सुबह नौ बजे पुन: खोली गई। जिससे कंमाड क्षेत्र की प्रभावित हुई। बाराबंदी को लेकर संगम अध्यक्षों व विभागीय अधिकारीयों में विचार विर्मश हुआ। अधिक्षण अभियंता रंजन कंसारा ने बताया कि बाराबंदी के अनुरूप जो काश्तकार बंद के दौरान सिचाई से वंचित रहे उन्हे दुबारा सिंचाई के लिये अतिरिक्त पानी दिया जायेगा। नहर के क्लोजर के विषय के विस्तार में चर्चा करते हुए बताया कि नहर को नो घंटे तक बंद रखने की जानकारी संगम अध्यक्षों ने दी।
बाधित रही सिंचाई
सभी नहरों की टेलो तक करीब 12 घंटे तक सिंचाई बाधित रही। बैठक में संगम अध्यक्षों ने पुरजोर पक्ष रखते हुए प्रथम पाण के लिए नहर की अवधि 12 घंटे बढाने का प्रस्ताव रखा। नहर 9 घंटे तक बंद रही इस कारण 9 घंटे ही बढाया जाना उचित है।
अतिरिक्त चलेगी नहर
जिस पर सभी संगम अध्यक्षों द्वारा सुझाव दिया गया कि प्रथम पाण में 12 घंटे नहर को अतिरिक्ति चलाया जाये। अतिरिक्त दिए गए तीन घंटे आगामी तीण पाणों में समायोजित कर कम करने का निर्णय लिया। 15 नंवबर को रात्रि 9 बजे से 16 नंवबर की सुबह 9 बजे तक सिचाई के लिए अतिरिक्त नहर चलाई जायेगी।
यह थे उपस्थित
बैठक में संगम अध्यक्ष रघुवीरसिंह, नरपतसिंह मदेरणा, धनसिंह, शेरसिंह, तेजसिंह, चंदनसिंह, दौलतसिंह, अजयपाल सिंह, बजरंगसिंह, रूपाराम मीणा, हुकमसिंह व श्यामसिंह सहित जल संसाधन विभाग सहायक अभियंता चंद्रवीरसिंह व कार्यालय कर्मी मौजूद रहे।
