चित्तौड़गढ़। फिल्म निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की ओर से आगामी एक दिसम्बर को रिलीज की जाने वाली फिल्म पद्मावती के विरोध में सर्व समाज की ओर से शुक्रवार को आहूत चित्तौड़गढ़ बंद सफल रहा। इस दौरान विशाल रैली का आयोजन किए जाने के साथ ही कलेक्टेट पर सभा का आयोजन किया गया, जिसे लोकेन्द्र सिंह कालवी समेत कई जनों ने संबोधित कर केन्द्र सरकार से पूरे देश में इस फिल्म पर रोक लगाए जाने की मांग की।
फिल्म निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की ओर से आगामी एक दिसम्बर को रिलीज की जाने वाली फिल्म ‘पद्मावती’ में इतिहास एवं तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किए जाने व रानी पद्मिनी को अलाउद्दीन खिलजी की पे्रमिका के रूप में बताए जाने के विरोध में सर्व समाज की ओर से शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ बंद का आह्वान किया गया, जो सफल रहा। दोपहर तक शहरी क्षेत्र में अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे। हालांकि उप नगरीय क्षेत्रों में इसका आंशिक असर देखने को मिला।
सर्व समाज की ओर से दुर्ग मार्ग स्थित पाडन पोल से विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न समाज के लोग दुपहिया वाहनों पर सवार थे एवं कई जनों ने अपने हाथ में केसरिया ध्वज ले रखा था। जुलूस नगर के मुख्य मार्गो से गुजरता हुआ कलेक्टेट पहुंच सभा में परिवर्तित हो गया। जुलूस में शामिल लोग इस फिल्म एवं भंसाली के विरोध में नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। इस दौरान सांसद सीपी जोशी ने भी शहरी क्षेत्र में जुलूस की अगवानी की, जोकि संसद में भी इस फिल्म को लेकर आवाज उठा चुके हैं।
भंसाली ने भूल की है
कलेक्टेट पर सभा को संबोधित करते हुए करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कहा कि जौहर की भभकती ज्वाला में भंसाली ने हाथ डालने की भूल की है। उन्होंने इस फिल्म पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाए जाने की मांग करते हुए कहा कि कई राज्य के मुख्यमंत्री से इस संबंध में उनकी बातचीत भी हुई है। गुजरात में भाजपा ने विधानसभा चुनाव होने तक एवं कांगेस ने पूरी तरह से इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग चुनाव आयोग से की है।
