फर्जीवाड़ा व घोटाले का आरोपी ठेकेदार रिमांड पर - राजस्थान उदय न्यूज़

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रविवार, 5 नवंबर 2017

फर्जीवाड़ा व घोटाले का आरोपी ठेकेदार रिमांड पर

जोधपुर । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने फर्जीवाड़ा व घोटाले के आरोपी कॉन्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्रसिंह सोलंकी को शनिवार को एसीबी के विशेष न्यायाधीश रामसुरेश प्रसाद के समक्ष पेश किया जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर सौंप दिया। मामले में जेडीए के अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

एसीबी के पुलिस अधीक्षक अजयपाल लाम्बा ने बताया कि कॉन्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्रसिंह सोलंकी सोलंकी ने खुद की फर्म का फर्जी डबल ए क्लास श्रेणी में पंजीयन करवा कर न सिर्फ चार लाख रुपए डकारे, बल्कि करोड़ों रुपए के ठेके लेकर जेडीए कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकार को 76 लाख रुपए की हानि भी पहुंचाई।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने प्रकरण की जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद शुक्रवार को उसे राजसमंद से गिरफ्तार किया था। उसे बाद में जोधपुर लाकर शनिवार को एसीबी के विशेष न्यायाधीश रामसुरेश प्रसाद के यहां पेश कर रिमांड पर लिया। उन्होंने बताया कि सोलंकी की फर्म श्री दुर्गा कंस्ट्रक्शंस की ओर से राजसमंद जिले में कार्य करवाया जा रहा है ।

जिसके काम के सिलसिले में आरोपी नरेन्द्र सोलंकी भी राजसमंद में था। इसका पता लगने पर एसीबी की राजसमंद टीम ने उसे पकड़ लिया था। इस संबंध में एसीबी को मिले परिवाद की जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद तीन माह पूर्व एफआईआर दर्ज की गई थी।

यह है आरोप
जांच में पता चला है कि कॉन्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्रसिंह सोलंकी ने अपनी फर्म श्री दुर्गा कंस्ट्रक्शन का डबल क्लास कॉन्ट्रेक्टर होने का फर्जी रजिस्ट्रेशन बनाया। साथ ही नियमानुसार एफडीआर, पीजी गारंटी राशि भी जमा नहीं कराई और 54 टेंडर हासिल कर लिए। सोलंकी ने अपनी फर्म में वर्ष 2012 से 2014 तक यह सारे ठेके लिए।
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मैसर्स श्री दुर्गा कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक सोलंकी ने जेडीए के तत्कालीन एसई रामलाल सियाग के हस्ताक्षर से डायरेक्टर इंजीनियर की मोहर का उपयोग करते हुए फर्जी सर्टिफिकेट्स पेश करके 54 वर्क आॅर्डर हासिल किए और रनिंग बिलों के जरिए भुगतान उठाया। इस कंपनी ने एए क्लास का पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए 4 लाख की एफडीआर जेडीए में जमा नहीं करवाई, जबकि इसके लिए हर फर्म को यह राशि जमा करानी होती है।

इसके अलावा ठेकेदार फर्म ने पीजी गारंटी राशि भी जमा नहीं करवाई। ठेकेदार फर्म ने सिक्योरिटी राशि की कटौती रनिंग बिलों में नहीं करवाई और जेडीए अफसरों के साथ मिलीभगत कर कुल 76 लाख 88 हजार 740 रुपए का लाभ ले लिया। इस मामले की जांच एसीबी जैसलमेर के डीएसपी अनिल पुरोहित को सौंपी गई थी। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर ठेकेदार सोलंकी को गिरफ्तार किया गया है।