पद्मावत को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी : राजस्‍थान सरकार की ये हैं 5 चुनौतियां - राजस्थान उदय न्यूज़

ताजा अपडेट...

सोमवार, 22 जनवरी 2018

पद्मावत को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी : राजस्‍थान सरकार की ये हैं 5 चुनौतियां

जनवरी का आखिरी सप्‍ताह राजस्‍थान सरकार के लिए मुसीबतों की झड़ी लेकर आया है। 25 जनवरी से लेकर 29 जनवरी तक सरकार को अग्निपथ से होकर गुजरना है। इसमें 25 जनवरी सरकार के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण दिन है।
1 - राज्‍य में फिल्म का प्रदर्शन कराना
राजस्‍थान फिल्म 'पद्मावत' के विरोध का केन्‍द्र है। ऐसे में राज्‍य में फिल्म का प्रदर्शन करा पाना नाकों चने चबाने जैसा है। एक ओर करणी सेना अनहोनी की धमकी दे रही है, वहीं डिस्‍ट्रीब्‍यूटर पहले ही फिल्म लेने से इनकार कर चुके हैं।

2- सिनेमा हॉल संचालकों को सुरक्षा देना
राजस्‍थान में फिल्म के प्रदर्शन होने पर करणी सेना इशरों में ही तोड़फोड़ सहित आगजनी की धमकी दे चुकी है। गणतंत्र दिवस सहित उपचुनाव नजदीक हैं। ऐसे में सभी सिनेमाघरों को सुरक्षा मुहैया कराने में सरकार के पसीने छूट सकते हैं।

3- सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचने से बचाना
राजस्‍थान फिल्म 'पद्मावत' के प्रदर्शन पर सबसे उग्र आंदोलन होने की आशंका है। ऐसे में सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचने से बचाने के लिए कड़ी मशक्‍कत करनी होगी। क्‍योंकि राज्‍य में एक साथ कई जगह आंदोलन चल रहे हैं।

4- सख्‍ती भी और कोई रूठे भी नहींराज्‍य में शांति व्‍यवस्‍था कायम रखने के लिए सरकार को कुछ सख्‍त कदम उठाने होंगे। राजस्‍थान में फिल्म प्रदर्शन के विरोध में करनी सेना के साथ ही सर्वसमाज खड़ा है। ऐसे में सरकार को सख्‍ती भी बरतनी है और यह भी ध्‍यान रखना है कि कोई रूठे नहीं, क्‍योंकि 29 जनवरी को 3 सीटों पर उपचुनाव है।

5- जयपुर लिटरेचल फेस्टिवल का सफल आयोजन

फिल्म 25 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसी दिन राजधानी जयपुर में लिटरेचल फेस्टिवल शुरू होना है। इसमें सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रशून जोशी सहित जावेद अख्‍तर शिरकत करने वाले हैं। करनी सेना उनके साथ दुर्व्‍यवहार करने की धमकी दे चुके है। ऐसे में लिटरेचल फेस्टिवल  का सफल आयोजन करा पाना बड़ी चुनौती है।