मम्मी पापा को दुख होगा, रोना बंद करो...बिलख रही मां को दिलासा देती रहीं बेटियां
चंडीगढ़. बिजनेसमैन के घर पर हुई डेढ़ करोड़ की ज्वेलरी की लूट में पुलिस आरोपियों का तो कोई सुराग नहीं लगा पाई, लेकिन ड्राइवर को इतना टॉर्चर किया कि उसने जान दे दी। बता दें कि सुसाइड के बाद घर में लगातार रिलेटिव और आसपास के लोग आ रहे थे। जब भी कोई अविनाश के बारे में बात करता तो घर के अंदर बैठी अविनाश की पत्नी सुनीता जोर-जोर से रोने लगती। उनकी तबीयत खराब थी तो तीनों बेटियां उनके पास आती थी और रोते हुए उन्हें संभालने की कोशिश करती। बेटियां बस यही कहती थी कि मम्मी पापा को दुख होगा, आप रोना बंद कर दो।अब पापा तो नहीं रहे आपकी तबीयत भी खराब है हमारे बारे में तो सोचो। अब आप भी ऐसा करोगे तो हमारे ऊपर किसका साया रहेगा। इतना कहने के बाद भी घरवाले आंसू नहीं रोक पा रहे थे। अविनाश की पत्नी थोड़ी देर रोने के बाद बेहोश हो जाती। बेटियां रोती हुई कहती आखिर पापा की क्या गलती थी। भाई अच्छा कमा रहा था और सब ठीक चल रहा था तो उन्हें जबरदस्ती नौकरी पर जाने की क्या जरूरत थी।
कई बार कहा पापा क्या जरूरत है नौकरी की
-बेटी सरिता ने बताया वह अकसर पापा को बोलती थी कि आपक काम करने की क्या जरूरत है। भाई पंकज ठीक कमा रहा है।
- घर में सब कुछ है और वह आराम करें। कुछ दिन बाद वह पढ़ाई पूरी कर नौकरी कर लेगी।
- कुछ दिन पिता फ्री भी रहे, लेकिन फिर दोबारा अपने पुराने मालिकों के पास गए और बोले वह उन्हें कहीं पर नौकरी लगवा दें। हम मना करते थे, लेकिन वह फ्री नहीं रहना चाहते थे।
फैमिली में कौन-कौन
- पत्नी सुनीता (44 साल)
- बेटा पंकज (27 साल)
- बेटी सरिता (23 साल) एमए इंग्लिश कर रही है पीयू से।
- बेटी कविता (21 साल) - एमए फाइनल ईयर सेक्टर-11 कॉलेज से
- बेटी बबीता (20 साल) - बीए फाइनल ईयर- 11 कॉलेज से
आय का जरिया
- बेटा पंकज सेक्टर-22 में मोबाइल शॉप पर काम करता है। अब घर का जिम्मा उसी पर है।
बुलाया नहीं, अजीत के घर से उठाया जाता था मृतक को
- पुलिस किसी प्रोसिजर के तहत अविनाश को नहीं बुलाती थी। न उन्हें कोई समन दिया गया, न फोन पर बुलाया गया। पुलिस सीधा अजीत जैन के घर पर जाती थी और ड्यूटी पर ड्राइविंग करने आए अविनाश को जिप्सी में बिठाकर ले जाती थी।
- उनसे पहले 14 जनवरी, फिर 15 जनवरी और फिर 17 जनवरी को इसी तरह उठाकर पूछताछ की गई। 19 जनवरी यानी शुक्रवार को फिर थाने आने को कहा गया था।
अजीत जैन की पत्नी की सहेली के घर की थी 5 साल नौकरी, उन्होंने ही लगवाया था
- जैन की पत्नी की सेक्टर-19 में रहने वाली सहेली के घर पर अविनाश पांच साल काम कर चुके थे। यहां वह एक बुजुर्ग की देखभाल करते थे।
- बुजुर्ग की मौत के बाद अविनाश को नौकरी छोड़नी पड़ी थी। अविनाश ने इसके बाद इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक फैक्टरी में नौकरी की। यह फैक्ट्री भी बंद हो गई।
- अविनाश सेक्टर-19 में पुराने मालिकों के पास गए और नौकरी की गुजारिश की। पुराने मालिकों ने ही उन्हें जैन के घर पर भेजा था। सेक्टर-19 के इस परिवार के मुताबिक पांच साल के दौरान अविनाश की कोई शिकायत नहीं आई।
लूटी गई ज्वेलरी की इंश्योरेंस नहीं
- अजीत जैन ने पुलिस को लूटी गई जवेलरी की जो लिस्ट दी थी उसमें 4 किलो साेना और उस पर जड़े हीरे शामिल हैं। इसकी कीमत 2 करोड़ से ज्यादा है।
- पहले पुलिस कह रही थी कि ज्वेलरी की इंश्योरेंस हुई होगी। अब जैन ने साफ कहा है कि उनकी किसी ज्वेलरी की कोई इंश्योरेंस नहीं थी।
क्या हुआ था
- 9 जनवरी को कोल्ड स्टोर मालिक अजीत जैन की सेक्टर-33 की कोठी में घुसकर चार नकाबपोश लुटेरों ने गन प्वाइंट पर सेफ में रखी जवेलरी लूटी थी। लूट के दौरान जैन की पत्नी, बेटी और नौकर घर पर मौजूद थे।
- 9 जनवरी को कोल्ड स्टोर मालिक अजीत जैन की सेक्टर-33 की कोठी में घुसकर चार नकाबपोश लुटेरों ने गन प्वाइंट पर सेफ में रखी जवेलरी लूटी थी। लूट के दौरान जैन की पत्नी, बेटी और नौकर घर पर मौजूद थे।
- अविनाश और चौकीदार मालकिन के कहने पर काम से घर से बाहर गए हुए थे। लूट के दौरान ही दोनों वापस भी आ गए थे। लुटेरों ने उन्हें भी गन प्वाइंट पर बंधक बना लिया था।
- पुलिस का मानना था कि लूट में किसी व्यक्ति का हाथ है जो परिवार का जानकार है।
